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हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रमहैल्दी लीवर कैम्पेन के अन्तर्गत समन्वय बैठक आयोजित

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राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम
हैल्दी लीवर कैम्पेन के अन्तर्गत समन्वय बैठक आयोजित
अजमेर, 04 जुलाई।राष्ट्रीय वायरल हेपेटायटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत हैल्दी लीवर कैम्पेन के तहत कलक्ट्रेट सभागार में सोमवार को चिकित्सा विभाग द्वारा जिला कलक्टर श्री अंश दीप की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय समन्वयक बैठक का आयोजन किया गया।
जिला कलक्टर श्री अंश दीप ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार निरोगी राजस्थान अभियान के अंतर्गत जिले में हैल्दी लीवर कैम्पेन 4 जुलाई से 28 जुलाई तक चलाया जा रहा है। इस अभियान में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं पंचायती राज विभाग के अंतर्गत आने वाले समस्त पेयजल स्त्रोताें की साफ सफाई एवं क्लोरीनेशन करवाया जाएगा। साथ ही शहर के बस स्टेंड,रेलवे स्टेशन एवं नगरीय निकायाें के माध्यम से अन्य सार्वजनिक स्थानों के पेयजल स्त्रोतों की भी साफ सफाई एवं क्लोरीनेशन का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से गांव-ढाणी तक इस केम्पेन के लिए आवश्यक सावधानियों के सम्बन्ध में गर्भवती महिला एवं धात्री महिलाआें को जानकारी दी जाएगी। साथ ही जिला एवं ब्लॉक स्तर पर हैल्दी लीवर जागरूकता का आयोजन किया जाएगा। जिले में स्थित कारागृहों मे बंदियो की हेपेटायटिस बी व सी की स्क्रीनिंग की जाएगी। चिकित्सा संस्थानो पर एचआईवी से ग्रसित व्यक्तियों की हेपेटायटिस स्क्रीनिंग की जाएगी। वहीं जिले में पंजीकृत समस्त गर्भवती महिलाआें की हेपेटायटिस स्क्रीनिंग की जाकरसमस्त नवजात शिशुआें को हेपेटायटिस बी की बर्थ डोज लगाई जाएगी। उच्च जोखिम वाले समूहाें को हेपेटायटिस बी का टीकाकरण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिले में स्थित डायलिसिस मरीजों की शत-प्रतिशत हेपेटायटिस स्क्रीनिंग की जाएगी। पॉजिटीव पाये जाने पर उपचार किया जाएगा। हैल्दी लीवर कैम्पेन के अंतर्गत नगर निगम एवं नगर पालिका में संचालित कचरा संग्रहण वाहनाें के माध्यम से संदेश प्रसारित कर जनजागरूकता की जाएगी एवं सोशल मीडिया के माध्यम से भी प्रचार प्रसार किया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर मे वायरल हैपेटायटिस के कारण हर 30 सेकंड मे एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है। इस बीमारी की गंभीरता के मद्देनजर सम्पूर्ण देश में वर्ष 2018 से वायरल हेपेटायटिस नियंत्रण की शुरूआत की गर्ई। इसका लक्ष्य वर्ष 2022 से 2030 तक हेपेटायटिस का उन्मूलन करना है।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस फ्लैगशिप योजना को गंभीरता से लेते हुए अपने अधीनस्थ आने वाले समस्त संस्थानो में पीने के पानी की टंकियो की सफाई व क्लोरीनेशन 4 जुलाई से 18 जुलाई तक करवाना सुनिश्चित किया जाए। अपने क्षेत्राधिकार में इसका व्यापक प्रचार प्रसार करवाएंगे। आमजन तक वायरल हैपेटायटिस के सबंध मे आवश्यक जानकारी पहुंचाई जा सके। इसी प्रकार की बैठक उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता मे भी आयोजित की जाएगी। ब्लॉक स्तर पर सभी विभाग इस अवधि में हैल्दी लीवर कैम्पेन से जुडे कार्यो को करवाना सुनिश्चित करेंगे। इस कैम्पेन के अंतर्गत सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले विभाग को राज्य सरकार स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

क्या है वायरल हेपेटायटिस
वायरल हेपेटायटिस एक ऎसी बीमारी है जो वायरस के कारण लीवर को प्रभावित करती है। ये वायरस खून के माध्यम से लीवर मे प्रवेश करता है और फिर लीवर फेलियर का कारण बन सकता है।यह अन्य कई गंभीर लीवर जनित बीमारियो को जन्म देता है। यदि इसका ईलाज समय पर नहीं किया जाए तो मौत का कारण भी बन सकता है।

वायरल हेपेटायटिस के प्रकार
हेपेटाइटिसए, बी, सी, डी एवं ई5 प्रकार का होता है । हेपेटायटिस बी एवं सी सबसे घातक की श्रेणी में आते हैं। हेपेटाइटिसए व ई सामान्य श्रेणी में आते है।ये दूषित खान-पान एवं दूषित पेयजल के सेवन से होते हैं। हेपेटाइटिसडी सामान्यतः बी के साथ पाया जाता हैं। किसी व्यक्ति को हेपेटायटिस बी होता है तो उसे उम्रभर इसका उपचार लेना होता है। यह गर्भवती महिला से उसके शिशु में भी प्रवेश कर जाता है। हेपेटायटिस सी संक्रमित व्यक्ति के खून से किसी दूसरे व्यक्ति के खून चढाने पर, नुकीली वस्तुओ जैस्ेो सिरिंज, एवं टूथब्रश के उपयोग, असुरक्षित यौन संबंध के कारण होता है। इसका उपचार 3 माह तक चलता है।

वायरल हेपेटायटिस के लक्षण
उल्टी, थकान, जोडों मे दर्द, बुखार, वजन का कम होना, पेट व लीवर मे सूजन आना, आदि हेपेटाइटिस लक्षण है। इसके कारण त्वचा का रंग पीला पड जाता है।
इस अवसर पर जिला रसद अधिकारी श्री हेमन्त स्वरूप माथुर, महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री विशाल दवे, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामस्वरूप किराड़िया सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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