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सुभाष रामनाथ पारधी ने की संभाग में एससी वर्ग के सम्बन्ध में समीक्षा

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श्री सुभाष रामनाथ पारधी ने की संभाग में एससी वर्ग के सम्बन्ध में समीक्षा
अजमेर 5 अगस्त। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री सुभाष रामनाथ पारधी ने शुक्रवार को अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बन्धित योजनाओं की समीक्षा की संभागीय आयुक्त श्री बी. एल. मेहरा एवं पुलिस महानिरीक्षक श्री रूपिन्दर सिंघ ने संभाग की प्रगति से अवगत कराया।
श्री सुभाष पारधी ने कहा कि आयोग द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए राजस्थान पर विशेष फोकस किया है। इसके लिए संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अजमेर संभाग की बैठक शुक्रवार को आयोजित हुई। अन्य संभागों की बैठक पूर्व में ली गई है। इसके पश्चात आयोग द्वारा आगामी 24 एवं 25 अगस्त को राज्य स्तरीय समीक्षा की जाएगी। आयोग अनुसूचित जाति वर्ग की समस्याओं के निराकरण के लिए है। आयोग, सरकार एवं गैर सरकारी संगठन मिलकर अनुसूचित जाति के समाज का हित करेंगे।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के नामांकन में कमी नहीं होनी चाहिए। नामांकन बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाने के साथ-साथ ड्रॉप आउट बच्चों को भी विद्यालय से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना से अनुसूचित जाति वर्ग के लाभान्वित व्यक्तियों को समय पर किस्तें जारी करें। राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में शत प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित हो। इन छात्रावासों की व्यवस्थाएं प्रावधानों के अनुसार होनी चाहिए। प्रवेश के दौरान मेरिट के अनुसार गरीब परिवारों को प्राथमिकता देते हुए कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति का लाभ प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तथा लाभार्थी तक पहुंचना चाहिए। समस्त छात्रवृत्ति समय पर जारी होने से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने में आसानी रहेगी। इसी प्रकार सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी समय पर संबंधित व्यक्ति के खाते में डाली जाए। महात्मा गांधी नरेगा में औसत मजदुरी तथा औसत श्रमिक दिवस बढाए जाने की आवश्यकता है। अनुसूचित जाति वर्ग की बस्तियों के लिए जारी बजट निर्धारित स्थान के लिए ही व्यय होना चाहिए। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के प्रकरणों को त्वरित गति से निस्तारित करें।
उन्होंने कहा कि बैंकों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को पर्याप्त लाभान्वित किए जाने की आवश्यकता है। इस सम्बन्ध में एलडीएम श्री जे.पी. मीना को आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए। मुद्रा योजना स्टार्टअप आरंभ करने के लिए है। इसमें जिले के व्यक्तियों को औसत 40 हजार का ऋण दिया गया है। व्यवहारिक दृष्टि से 40 हजार की राशि से स्टार्टअप किया जाना संभव नहीं है। इसमें सुधार किया जाए। स्टेण्डअप योजना में भी जुड़ने वालों की संख्या बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। बैंकों द्वारा नए, वंचित एवं कमजोर वर्ग को ऋण दिया जाना चाहिए। प्रत्येक शाखा एक अनुसूचित जाति, एक अनुसूचित जनजाति एवं एक महिला वर्ग को ऋण प्रदान करने का लक्ष्य रखें।
संभागीय आयुक्त श्री बी. एल. मेहरा ने कहा कि बैंकों को अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को प्राथमिकता के साथ ऋण देना चाहिए। जिला स्तरीय बैकिंग सलाहकार समिति में शाखावार समीक्षा करने से माइक्रो लेवल पर मॉनिटरिंग की जा सकती है। छोटी राशि के ऋण तत्काल प्रभाव से स्वीकृत करें। ऋण अस्वीकृत होने की स्थिति में आवेदन कर्ता को कारण सहित सूचित करने की जिम्मेदारी बैंक की है। इसकी पालना जिला विकास प्रबंधक द्वारा सुनिश्चित करवाई जाएगी। पुलिस महानिरीक्षक श्री रूपिन्दर सिंघ ने संभाग की प्रगति से अवगत कराया।
इस अवसर पर अतिरिक्त संभागीय आयुक्त श्री गजेन्द्र सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर भीलवाड़ा श्री उत्तम सिंह शेखावत, अजमेर श्री हेमन्त स्वरूप माथुर, नागौर श्री मोहन लाल खटनावलिया एवं टोंक श्री परशुराम धानका, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री ताराचंद एवं प्रकाश चंद, उप पुलिस अधीक्षक श्री राहुल जोशी, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री धर्मेन्द्र जाटव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री प्रफुल्ल चन्द्र चौबीसा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री राजीव कुमार एवं नगर निगम उपायुक्त श्रीमती सीता वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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