अखिल भारतीय कोली समाज संस्थान नई दिल्ली|एक खसम की तीन तीन पत्नियां,एक भी सगी नहीं,
*अरे भाई आखिर कहना और करना क्या चाहते हो,,,,,, जो समाज जितना संगठित होगा उसकी ताकत राजनीतिक रूप से उतनी ही महत्वपूर्ण होगी चाहे वह संख्या में कितना ही काम या ज्यादा हो,,,, इसे हम वैश्य वर्ग के विभिन्न जातीय समूह और संगठनों का विश्लेषण कर समझ सकते हैं किसी एक जाति विशेष का नाम … Read more