जयपुर: 15 साल से कर रहे थे ये गंदा काम, पुलिस अगर स्पाई कैमरे नहीं लगाती तो किसी को नहीं होता यकीन… बड़ा खुलासा
जयपुर: जयपुर पुलिस ने डीसीपी वेस्ट अमित कुमार के निर्देशन में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अवैध वसूली गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो निजी बस चालकों से अवैध वसूली करते थे। पुलिस ने बदमाशों से एक स्कॉर्पियो भी बरामद की है। खुफिया कैमरों की रिकॉर्डिंग करके इस ग्रहण को उजागर किया गया है.
यह गिरोह चौमूं पुलिया के आसपास सक्रिय था और जो बस चालक वसूली देने से इनकार करता था, उस पर पत्थर फेंकता था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले 15 वर्षों से अवैध वसूली कर रहा था और प्रतिमाह 20 लाख रुपये की वसूली करता था। जान के डर से बस चालक पुलिस को शिकायत नहीं देते थे। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने अपनी टीम भेजकर पहले इस गिरोह के ठिकानों पर नजर रखी और वसूली की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। अब पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है।
कैसे काम करता था गिरोह:
यह गिरोह चौमूं पुलिया के आसपास सक्रिय था और निजी बस चालकों से अवैध वसूली करता था। गिरोह के सदस्य बस चालकों को धमकाते थे और उनसे पैसे वसूलते थे। जो चालक पैसे देने से इनकार करते थे, उनके बसों पर पत्थर फेंके जाते थे। इस गिरोह का आतंक इतना था कि बस चालक डर के मारे पुलिस को शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे।
पुलिस की कार्रवाई:
डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने पहले गिरोह के ठिकानों पर नजर रखी और वसूली की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है और उनसे एक स्कॉर्पियो भी बरामद की है।
आगे की जांच:
पुलिस गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह का कोई और आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।
आम जनता से अपील:
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर उन्हें इस गिरोह के बारे में कोई जानकारी है तो वे पुलिस को सूचित करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि वे अवैध वसूली के किसी भी मामले में सख्त कार्रवाई करेंगे।
