माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टाफिंग पैटर्न में विशेष शिक्षा के तीनों ग्रेड के पद शामिल
प्रसंग पत्र संदर्भ संख्या 11527872 दिनांक 06.11.2024 के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के स्टाफिंग पैटर्न में विशेष शिक्षा के पहली बार स्कूल व्याख्याता से द्वितीय श्रेणी एव तृतीय श्रेणी के पद शामिल किए गए हैं लेकिन इस स्टाफिंग पैटर्न के मापदण्ड से विशेष शिक्षा में छात्र और विशेष शिक्षक अनुपात से पद सृजन का बेरोजगारों को कोई बड़ा फायदा नहीं मिलने वाला ।।
स्टाफिंग पैटर्न से ऐसे समझें विशेष शिक्षा के शिक्षण हेतु पदों के लिए मानदण्ड :-
∆अध्यापक, लेवल-प्रथम/अध्यापक लेवल-द्वितीय (विशेष शिक्षा) प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में कक्षा 1 से 8 तक में विशेष श्रेणी के न्यूनतम 10 विद्यार्थी होने पर अधिकतम विद्यार्थियों की दिव्यांगता श्रेणी अनुसार अध्यापक लेवल-प्रथम/द्वितीय, उसके पीईईओ / यूसीईईओ विद्यालय में एक पद देय होगा।
–तृतीय श्रेणी में इस स्टाफिंग पैटर्न के मापदण्ड से विशेष शिक्षा में ज्यादा पद सृजित की उम्मीद नहीं कर सकते इस लिए सरकार को दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस मापदण्ड से विशेष शिक्षा को इस तरह नजर अंदाज नहीं करना चाहिए और तृतीय श्रेणी में पद सृजन के इस स्टाफिंग पैटर्न के मापदण्ड को सरकार को तुरन्त वापिस लेना चाहिए और दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए RTE ACT के तहत हर एक स्कूल में एक विशेष शिक्षक का पद सृजित करना चाहिए या हर PEEO लेवल पर एक विशेष शिक्षक का पद सृजन करना चाहिए ।।
–राकेश लिम्बा (विशेष शिक्षा)
∆वरिष्ठ अध्यापक (विशेष शिक्षा) प्रत्येक ग्राम पंचायत क्षेत्र में विशेष श्रेणी के कक्षा 9 से 10 तक में विशेष श्रेणी के न्यूनतम 15 विद्यार्थी होने पर अधिकतम विद्यार्थियों की दिव्यांगता श्रेणी अनुसार वरिष्ठ अध्यापक विशेष शिक्षा का पद उस श्रेणी के अधिकतम नामांकन वाले विद्यालय में एक पद देय होगा।।
–द्वितीय श्रेणी में विशेष शिक्षा मे 2015 के बाद कोई भर्ती नहीं हुई ओर 849 पद पहले से स्वीकृत है पर इस स्टाफिंग पैटर्न के मापदण्ड से पदों में कटौती होना तय है और कोई नए पदों के सृजन की उम्मीद नहीं
–राकेश लिम्बा (विशेष शिक्षा)
∆प्राध्यापक (विशेष शिक्षा): 10000 से अधिक आबादी वाले कस्बों / गाँवों में स्थित विद्यालयों मे से कक्षा 11वीं व 12वीं में अधिकतम दिव्यांग श्रेणी के नामांकन वाले विद्यालयों में प्राध्यापक (विशेष शिक्षा) का एक-एक पद स्वीकृत किया जोयगा एवं जिला मुख्यालय के विद्यालयों में से कक्षा 11वीं व 12वीं में अधिकतम दिव्यांग श्रेणी के विद्यार्थियों के नामांकन वाले विद्यालयों में (01 पद सह-शिक्षा विद्यालय में तथा 01 पद बालिका विद्यालय में) प्राध्यापक विशेष शिक्षा का एक-एक पद स्वीकृत किया जायेगा।
–दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए पहली बार स्कूल व्याख्याता के पद सृजन के लिए मापदण्ड बने जो स्वागत योग्य हैं लेकिन पद सृजन के यह मापदण्ड से स्कूल व्याख्याता में ऊंट के मुंह में जीरा कहावत के समान पद सृजित होगे जो एक बड़ा धोखा विशेष शिक्षा में पद सृजन के नाम पर होगा।।
– राकेश लिम्बा (विशेष शिक्षा)
क्रमिक विभाग द्वारा विशेष शिक्षा में नया पाठ्यक्रम तैयार:–
∆स्कूल व्याख्याता विशेष शिक्षा में परीक्षा 450 अंकों की होगी दो प्रश्नपत्र होगे प्रश्नपत्र 1 150 अंकों का जो सामान्य शिक्षा का ही पाठयक्रम रहेगा जिसकी समयावधि 1 घंटा 30 मिनिट रहेगी ओर प्रश्नपत्र 2 300 अंकों का होगा जो दो भागों में होगा भाग क सब्जेक्ट से 150 अंक ओर भाग ख विशेष शिक्षा से 150 प्रश्न पूछे जाएंगे समयावधि 3 घंटे रहेगी तथा दोनों प्रश्नपत्रों में अलग अलग न्यूनतम 40% अंक लाना अनिवार्य होगा
पद के लिए योग्यता:–बी.एड विशेष शिक्षा के साथ मास्टर डिग्री और बी.एड सामान्य शिक्षा के साथ दो वर्ष का डिप्लोमा इन विशेष शिक्षा के साथ मास्टर डिग्री ।।
∆द्वितीय श्रेणी विशेष शिक्षा में परीक्षा 600 अंकों की होगी दो प्रश्नपत्र होगे प्रत्येक प्रश्नपत्र 300 अंकों का होगा प्रश्नपत्र 1 सामान्य शिक्षा का ही पाठयक्रम रहेगा जिसकी समयावधि 3 घंटे रहेगी ओर प्रश्नपत्र 2 300 अंकों का होगा जो दो भागों में होगा भाग क विशेष शिक्षा से 75 प्रश्न होगे जो किसी एक श्रेणी यानी HI,VI,MR जिसके लिए आवेदन कर रहा है उसी श्रेणी से 75 प्रश्न विशेष शिक्षा से पूछे जाएंगे ओर भाग ख सब्जेक्ट से 75 प्रश्न पूछे जाएंगे समयावधि दोनों भाग की 3 घंटे रहेगी तथा दोनों प्रश्नपत्रों में अलग अलग न्यूनतम 40% अंक लाना अनिवार्य होगा ।।
पद के लिए योग्यता:–बी.एड विशेष शिक्षा और बी.एड सामान्य शिक्षा के साथ दो वर्ष का डिप्लोमा इन विशेष शिक्षा ।।
तृतीय श्रेणी विशेष शिक्षा में पाठ्यक्रम सामान्य शिक्षा का ही रहेगा ।।
पद के लिए योग्यता:– पेपर 1 के लिए डी.ऐड विशेष शिक्षा और पेपर 2 के लिए बी.एड विशेष शिक्षा,
कोर्ट के अधीन योग्यता बी.एड सामान्य शिक्षा के साथ दो वर्ष का डिप्लोमा इन विशेष शिक्षा ।।
स्कूल शिक्षा विभाग के नए स्टाफिंग पैटर्न को लेकर सरकार को विशेष शिक्षा में तीनों ग्रेड में बने पद सृजन के मापदण्ड छात्र एवं विशेष शिक्षक अनुपात में संशोधन करते हुए हर एक स्कूल में एक विशेष शिक्षक का पद सृजन का नियम या हर ग्राम पंचायत पर एक विशेष शिक्षक का पद सृजित का मापदण्ड को शामिल करना चाहिए वरना हम दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के लिए पूरे राजस्थान में आंदोलन के आगाज साथ वर्तमान सरकार की दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था के प्रति इस निति का खुल कर विरोध करेंगे।।
–राकेश लिम्बा (विशेष शिक्षा)







