50 साल बाद जुलाई में फिर डूबा अजमेर:20 से ज्यादा कॉलोनियां डूबीं,लोग छतों पर रह रहे
अजमेर
18 जुलाई, 1975 शुक्रवार का दिन। पूरा अजमेर पानी में डूबा था। जहां देखो, वहां सिर्फ पानी। उफनते नाले, जलमग्न सड़कें, बेबस लोग।
ठीक 50 साल बाद
18 जुलाई, 2025 शुक्रवार का दिन। अजमेर फिर पानी में डूब गया। नाले वैसे ही उफने, सड़कें पानी से लबालब हुईं और बेबस शहर के लोग।
इस 50 साल में सरकार, तकनीक, बजट, वादे सब बदल गए, लेकिन नहीं बदली तो अजमेर के लोगों की किस्मत।
अजमेर में बारिश ने जुलाई के महीने में 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 1975 में ही ऐसी बारिश हुई थी। मौसम विभाग के मुताबिक अजमेर में पूरे मानसून सीजन में 458MM बारिश होती है, लेकिन इस साल जुलाई में ही 609MM बारिश हो चुकी है। यानी 19 दिन में पूरी सीजन से ज्यादा बरसात हो चुकी है।
हालांकि शनिवार को बारिश का दौर जारी रहा भारी बारिश से शहर की 20 से ज्यादा कॉलोनियां डूब गई हैं। इन कॉलोनियों के लोग दूध, पानी और जरूरी सामान की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं। कॉलोनियों में घुटनों से ऊपर तक पानी भरा हुआ है। हालात इतने खराब हैं कि कॉलोनी में सांप तक घूम रहे हैं। टॉयलेट सीट से भी पानी निकल रहा है। भारी बारिश के बाद आनासागर झील का पानी ओवरफ्लो होकर आसपास की रिहायशी कॉलोनियों में घुस गया।
कॉलोनी में सांप घूम रहे, घर छोड़कर जाना पड़ा
सागर विहार कॉलोनी के रहने वाले मनोज ने बताया- शुक्रवार से घर में फंसे हुए हैं। घुटनों से ऊपर तक पानी भरा है। कॉलोनी में सांप घूम रहे हैं, अब तक तीन-चार सांप पकड़े हैं। छतों पर रहना पड़ रहा है। कई लोगों को घर छोड़कर जाना पड़ा है। काम पर नहीं जा पा रहे हैं।
गड्ढे तक दिखाई नहीं दे रहे हैं, गाड़ी डूबी पुरानी चौपाटी मुख्य सड़क से गुजर रहे सुमित भटनागर ने बताया- घर से काम पर जाने निकला था, पानी में गाड़ी डूब गई। सड़कों पर 4 फीट से ऊपर पानी भरा है। शहर की हर मुख्य सड़क पर पानी है। गड्ढे तक दिखाई नहीं दे रहे हैं।
घरों में बिजली नहीं है, मोबाइल की बैटरी खत्म
सागर विहार के राजेश मोटवानी बताते है कि दूध, पानी, सब्जी -सब चीजों के लिए लाचार हैं। घरों में बिजली नहीं है। मोबाइल की बैटरी खत्म हो गई है। पोर्च में खड़ी कार डूब गई है। कॉलोनी से निकलकर ऑटो में जाकर सामान लाना पड़ रहा है। प्रशासन ने पंप लगाया है, लेकिन पानी नहीं निकल रहा। आनासागर का पानी कॉलोनी में इकट्ठा हो गया है।
2 दिन से घरों में बिजली नहीं आई।
सागर विहार की सुनीता ने कहा- पहली बार इतनी बारिश में हालात बिगड़े हैं। रोजमर्रा के काम बंद हो चुके हैं। टॉयलेट सीट से भी पानी निकल रहा है। 2 दिन से घरों में बिजली नहीं है।
1975 की बाढ़: जब अजमेर बना था तालाब
मूसलाधार बारिश और टूटे नदी-नालों ने 18 जुलाई 1975 को अजमेर शहर को तबाह कर दिया था। उस दिन भी शुक्रवार ही था और शहर की निचली बस्तियां पूरी तरह डूब गई थीं। कई मकान ढह गए थे और चारों तरफ पानी ही पानी था। आज 48 साल बाद भी लोग उस दिन को याद कर सहम जाते हैं।







