सफाई कर्मचारी वाल्मीकि समाज के महिला पुरुषों ने थांवला बस स्टैंड पर प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
स्थानीय लोगों की जगह बाहर के लोगों को सफाई का जिम्मा सौंपने पर सरपंच पर मनमानी का लगाया आरोप
थांवला कस्बे के वाल्मीकि समाज के महिला पुरुष सफाई कर्मचारीयों ने आज ग्राम पंचायत प्रशासन व सरपंच पर मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। आक्रोषित बाल्मीकि समाज ने कस्बे के बस स्टेण्ड पर इकट्ठा होकर स्थानीय ग्राम पंचायत प्रशासन व सरपंच के खिलाफ नारेबाजी की। गुस्साए लोगो ने बताया कि थांवला कस्बे मे बाल्मीकि समाज के करीब 120 परिवार रहते है। इसके बाउजूद कस्बे की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी दूसरे गाँव के लोगो को दी गईं है। जिसमे खानापूर्ति करते हुए हमारे सिर्फ 5 लोग लगाए जा रहे है। जो किसी भी क़ीमत पर हमे मंजूर नहीं। दूसरे गाँव के लोग आकर हमारी रोजी रोटी छीनकर हमारे गाँव की सफाई करेंगे तो हम यहाँ चुपचाप बैठकर तमाशा नहीं देखेंगे।हमारे गाँव की सफाई की जिम्मेदारी हम बेखुबी निभाएंगे और किसी दूसरे को सफाई नहीं करने देंगे।समय रहतेहमें हमारा काम नहीं मिला तो न तो हम दुसरो को सफाई करने देंगे और न हम गली मोहल्लो की सफाई करेंगे। हमें हमारा हक चाहिए। हमारी लड़ाई सरपंच और ग्राम पंचायत से नहीं है हमारी लड़ाई मनमानी और सिस्टम की कूटनीति से है। इसी के साथ बाल्मीकि मोहल्ले के बीच स्थित निजी प्लाट मे पुरे गाँव की गंदगी व कचरा डाला जा रहा है।गंदगी व बदबू से हमें कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो कल से किसी भी मोहले मे सफाई नहीं होगी।इस संबंध मे मिडिया ने ज़ब जानकारी लेनी चाही तो सरपंच प्रतिनिधि ने फोन तक नहीं उठाया।अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन इनकी समस्याओं का समाधान करेगा या इनका हक छीनकर पुरे गाँव की सफाई व्यवस्था को अव्यवस्थित करेगा।







