तीर्थ नगरी पुष्कर में बेमौसम बारिश ने बढ़ाई ठंडक
पुष्कर मेले में आए पशुपालक ओर मेलार्थी हुए परेशान
लोगों ने निकाले गर्म कपड़े
पशु पालक ठंड से बचने के लिए ले रहे हे अलाव का सहारा
अस्थाई दुकानदार को करना पड़ा परेशानी का सामना
गोविंदगढ़ -पुष्कर।
तीर्थ नगरी पुष्कर में सोमवार को मौसम ने अचानक पलटी करवट बदलते हुए तेज आंधी तूफान के साथ बरसात के चलते ठंडक बढ़ गई वहीं बेमौसम की बारिश पशु पालकों के लिए आफत बन गई हे सोमवार को हुई दिनभर हुई बरसात से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया तो वही मेले में आए पशु पालकों पशुओं ओर मेलार्थियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हे रेत के धोरों पर टेंट में रह रहे पशु पालकों ओर रेत के धोरों में खुले में विचरण कर रहे पशुओं को बरसात के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा हे पशु पालक बरसात से बचने के लिए अस्थाई तम्बू में कैद हो रखे हे तो कई अलाव का सहारा ले रहे हे तथा पुष्कर मेले में आए मेलार्थियों को भी बरसात में कैद रहना पड़ा जिसके चलते बाजार सुनसान नजर आए यही नहीं अस्थाई दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा तथा बरसात से सामान को बचाने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा तथा बरसात से ठंडक बढ़ने से लोग घरों में कैद रहे।ठंड से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़े निकाल लिए पशुओं को बरसात और ठंड से बचने के लिए उनको तिरपाल और कपड़ो से ढक रखा हे।
विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में पहुंचे एक से बढक़र एक अश्व वंश देशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे है
चार हजार से अधिक पहुंचे पशु
मेले में पशुओं की खरीद फरोख्त जोरों पर जारी है।
विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में पहुंचे एक से बढक़र एक अश्व वंश देशी पर्यटकों को जहां आकर्षित कर रहे है वहीं ऊंट वंश की हरकते विदेशी पर्यटकों को लुभा रही है। विदेशी पर्यटक पशुओं के साथ देहाती ग्रामीण पशुपालकों की दिनचर्या की बारे में जानकारी लेकर उत्साहित नजर आ रहे है। साथ ही पशुपालकों के रेतीले धोरों में खाना बनाने, उनके रहन सहन व पशुओं के खान-पान के बारे में विस्तार से जानकारी लेकर अपने कैमरें में यादे कैद कर रहे है। पुष्कर मेला देशी के साथ विदेशियों के बीच भी बहुचर्चित है। पुष्कर के रेतीलें धोरों में ऊंट व अश्वों के रंभाने की आवाज सभी के लिए एक अलग ही अनूभुति का विस्मरण करा रही है। उधर मेले में पशुओं की खरीद फरोख्त जोरों पर जारी है। व्यापारी पशुओं की नस्ल, कद, चाल, दांत आदि देख कर पशुओं का मोलभाव कर रहे है।
मेले में अब तक पहुंचे 4336 पशु
पुष्कर के रेतीले धोरों में पशुओं की मंडी सज कर तैयार हो गई है। नए मेला मैदान में सजी मंडी में पशु व पशुपालकों की आवक बनी हुई है। अब तक मेले में ऊंट व अश्व सहित 3 हजार से अधिक पशु पहुंच गए है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक व मेला अधिकारी डा० सुनील घीया ने बताया कि मेले में रविवार की शाम तक 4 हजार 336 पशुओं की आवक दर्ज की गई है। इनमें सर्वाधिक 3028 अश्व शामिल है। जबकि अभी तक 1306 ऊंटों की आमद हुई है। 1 गौवंश व 1 भैंस वंश आए है। कुल 701 जानवर राजस्थान के बाहर से आए है। डा० घीया ने बताया कि पुष्कर मेले में सोमवार को एक ही दिन में करीब 926 अश्व वंश पहुंचे। जबकि ऊंट केवल 389 ही आए। तथा पशुओं की आवक लगातार बनी हुई है। वहीं दूर-दराज से व्यापारी पहुुंच रहे है तथा खरीद-बिक्री का सिलसिला शुरू हो गया है। खुले आसमान के नीचे पशुपालक व व्यापारियों के बीच लाखों रुपयों का लेनदेन हो रहा है।
केकड़ी का अश्व बादल कर रहा है आकर्षित
पुष्कर मेले में अब तक पहुंचे घोड़े-घोडिय़ों में 68 इंच प्लस लंबाई के बादल नामक अश्व मेलार्थियों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। रविवार को दिनभर मेलार्थी बादल के साथ सेल्फी लेते दिखे। पुष्कर मेले में बादल को तीसरी बार लेकर आऐ केकड़ी के जेतवाल स्टड फार्म के राहुल जेतवाल ने बताया कि बादल का रंग सफेद है, वह 5 वर्षीय है तथा 68 इंच प्लस है। तथा मेले में इसका प्रदर्शन करने के लिए लेकर आये है। अश्व पालन में उनकी यह 7वीं पीढि़ है। तथा उनके परिवारजन बीते 10 सालों से मेले में आ रहे है। इस बार वे 20 घोड़े-घोडिय़ां लेकर आये है। राहुल ने बादल की कीमत पर बताया कि वह अनमोल है फिर भी वे इसकी कीमत 15 करोड़ तक मानते है। गत वर्ष इसकी 9 करोड़ तक बोली लगी थी।
मेले में पहुंचा 650 किलों का राणा नामक भैंसा
पुष्कर मेले में ऊंट व अश्वों के साथ एक भैंसा भी पहुंचा है। वहीं भैंसे की खासियत है कि वह 650 किलों वजनी है। मध्यप्रदेश से पहली बार पुष्कर मेले में बिकने के लिए पहुंचा राणा नामक भैंसा देशी के साथ विदेशियों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना है। भैंसे के साथ देशी व विदेशी पर्यटक सेल्फी लेकर उत्साहित हो रहे है। मध्यप्रदेश के उज्जैन से भैंसा लेकर आये धर्मेन्द्र चौहान ने बताया कि राणा 650 किलों का है, वह साढ़े 3 साल का है। तथा उसके खाने के बारे में बताया कि वे उसे प्रतिदिन चना, अंडा, दूध, घी आदि का सेवन कराते है। बताया कि वे इस भैंसे को बेंचने के लिए ही आये है तथा इसको वे 15 लाख रूपये तक बेचेंगे।
श्रद्धालुओं के साथ देशी विदेशी पर्यटकों की आवक बढ़ी
पुष्कर पशु मेले की शुरूआत हो चुकी है। धार्मिक मेला 2 नवंबर को कार्तिक एकादशी स्नान के साथ होगा। मेले में श्रद्धालुओं के साथ-साथ देशी-विदेशी सैलानियों की आवक दिनों दिन बढ़ रही है। सरोवर के घाट, मंदिर व बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालु व पर्यटक सरोवर में स्नान, पूजा व मंदिरों के दर्शन करने के साथ-साथ नए मेला मैदान पहुंच कर पशुओं की अटखेलियां देख कर रोमांचित हो रहे है।
यूएस के पर्यटक हुए रोमांचित
पुष्कर मेले में आऐ यूनाइटेड स्टेटस के 16 सदस्यीय विदेशी पर्यटकों के दल पशु मेला देखकर काफी रोमांचित हुए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे यहां यहां जस्ट 2 घंटे पहले आए है, यहां उन्हे कोई अंदाजा नहीं था कि उन्हें यहां इतना भव्य सुन्दर और भीड़भाड़ वाला दृश्य देखने को मिलेगा। साथ ही बताया कि उन्होंने भारतीय की संस्कृति के बारे में सीखना शुरू किया है तथा वे यहां कैमल के श्रृंगार को देखकर सभी काफी रोमांचित हुए है।
तेज हवा के साथ स्वागत द्वार गिरा बड़ा हादसा टला
तीर्थ नगरी पुष्कर में सोमवार को गुरुद्वारे के पास लगा स्वागत द्वार तेज हवाओं के साथ नीचे गिर गया गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और बड़ा हादसा टल गया तथा मौके पर अफरा तफरी मच गई। स्वागत द्वार सड़क के बीचों बीच गिरने से रास्ता जाम हो गया।नगर परिषद की तरफ से पुष्कर मेले में मुख्यमंत्री ओर कैबिनेट मंत्री सुरेशसिंह रावत का गुरुद्वारे के पास लगाया गया जो सोमवार को तेज हवाओं के साथ नीचे गिर गया और एक यात्री के मामूली चोट लगी।गनीमत रही कि उस दौरान किसी की आवाजाही नहीं थी अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
रघुनाथशाह मंदिर में हुआ भव्य अन्नकूट महोत्सव
तीर्थ नगरी पुष्कर के हनुमान गली में स्थित रघुनाथशाह मंदिर में सोमवार को भव्य अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया।पंडित कैलाशनाथ दाधीच ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष सोमवार को भगवान श्रीराम लक्ष्मण का मनमोहक श्रृंगार करके नगाड़ो की धुनों के साथ भव्य महाआरती का आयोजन किया गया कार्यकम में जैतारण श्री अन्नक्षेत्र आश्रम के 108 श्री महंत महामंडलेश्वर हरिरामदास महाराज ओर पुष्कर नगर परिषद के निवर्तमान उपसभापति शिवस्वरूप महर्षि ,पुष्कर भाजपा मंडल अध्यक्ष भुवनेश पाठक ,भाजपा नेता अरुण वैष्णव, पूर्व मण्डल अध्यक्ष पुष्कर नारायणभाटी,लाभांशु वैष्णव ,समाज सेवी अरुण पाराशर, जगदीश कुर्डिया, दामोदर मुखिया ने भगवान राघवेंद्र सरकार की आरती उताकर जगत कल्याण की मनोकामना की । इस मौके पर भगवान श्री राघवेंद्र सरकार के 56 प्रकार के व्यजनों से बने अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाकर भक्तो को प्रसाद वितरण किया गया।
पशुओं की खरीद फरोख्त जोरों पर
विश्व विख्यात पुष्कर पशु मेले में दूर दराज से आये पशुपालक अपने पशुओं की बिक्री के लिए पशुओं की कटिंग कर सजा कर तैयार कर रहे है। वहीं पशुओं की खरीद फरोख्त के लिए पशुपालकों द्वारा पशुओं की कीमत के भाव-ताव जोरों पर किऐ जा रहे है। व्यापारी पशुओं की नस्ल, कद, काठी, चाल, दांत आदि देख कर पशुओं का मोलभाव कर रहे है। इन पशुओं में ऊंट वंश की कीमत हजारों में है तो वहीं कई अश्व वंश की कीमत लाखों तक मोलभाव की जा रही है।
चोर-उठाईगिरे हो रखे हे सक्रिय
पुष्कर मेला शुरू होने के साथ ही चोर-उठाईगिरे सक्रिय हो गए है। शनिवार की सुबह जहां मेला देखने आए गुजरात के दंपति का अज्ञात व्यक्ति बैग चुरा कर चंपत हो गया। बैग में नगदी, मोबाइल फोन समेत करीब 50 हजार रुपए का सामान था। वहीं सोमवार को फिर गऊ घाट से एक यात्री के कपड़े चुरा कर ले गए जिनमें करीबन 65 हजार रुपए बताए जा रहे हे।
सनातन धर्म रक्षा संघ अजयमेरु व सन्यास आश्रम अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में पुष्कर में प्रभात फेरी निकाली गई।
सनातन धर्म रक्षा संघ अजयमेरु व सन्यास आश्रम अजमेर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को पुष्कर में प्रभात फेरी निकाली गई।
संघ के अध्यक्ष अजय शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास की लाभ पंचमी पर्व के अवसर पर संत-महात्माओं के सानिध्य में सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी पुष्कर स्थित गुरुद्वारे से आरंभ हुई तथा नए रंगजी मंदिर, जयपुर घाट, जोधपुर घाट, ब्रह्म घाट, गऊ घाट, नृसिंह घाट एवं वराह घाट होते हुए नए रंगजी मंदिर पर संपन्न हुई। इस बीच पं० चंद्र शेखर गौड़ के सानिध्य में वराह घाट पर सरोवर की पूजा की गई। प्रभात फेरी के दौरान सभी श्रद्धालु संगीतमय भजनों पर झूमते और हाथों में भगवा ध्वज लगाते हुए चले। इस मौके पर पं. कैलाश नाथ दाधीच, अजमेर केजी स्टोन के डा० कुलदीप शर्मा, राम सिंह उदावत, मंजू व्यास, मुकेश, विनिता सिंह, संन्यास आश्रम के बटुक आदि शामिल रहे।
श्रीगंगानगर के सांसद कुलदीप इन्दौरा ने पुष्कर सरोवर का पूजन एवं ब्रह्मा मंदिर के दर्शन कर खुशहाली की कामना की।
श्रीगंगानगर के सांसद कुलदीप इन्दौरा ने रविवार को पुष्कर सरोवर का पूजन एवं ब्रह्मा मंदिर के दर्शन कर खुशहाली की कामना की। अपने समर्थकों के साथ पुष्कर पहुंचे सांसद इन्दौरा का पुष्कर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजय जोशी ने माला पहनाकर स्वागत किया। वहीं ब्रह्मा मंदिर में पुजारी वैभव वशिष्ठ ने उनका दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया।
तीर्थ नगरी पुष्कर के परिक्रमा मार्ग स्थित श्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा में कार्तिक मास के मौके पर रविवार से 7 दिवसीय शिवमहापुराण कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ है।*
तीर्थ नगरी पुष्कर के परिक्रमा मार्ग स्थित श्री पंचदशनाम जूना भैरव अखाड़ा में कार्तिक मास के मौके पर रविवार से 7 दिवसीय शिवमहापुराण कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ है। इससे पहले कलश यात्रा भी निकाली गई है। कथा के समापन पर 1 नवंबर को महाकालेश्वर शिव पंचायतन एवं महाकाली माता भैरव की प्रतिमा तथा ब्रह्मलीन महंत केदार गिरी महाराज की समाधि पर मूर्ति स्थापना की जायेगी।
महंत सुंदरगिरी महाराज ने बताया कि कार्यक्रम के तहत रविवार से शुरू हुई 7 दिवसीय शिवमहापुराण कथा में प्रथम कथा वाचक विनिता दीदी ने उपस्थित श्रोताओं को शिव कथा महात्म्य, चंचुला और बिंदूक कथा प्रसंग का श्रवण कराया। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा महोत्सव समापन 1 नवंबर को महायज्ञ की पुर्णाहुति हवन एवं प्रसाद वितरण के साथ होगा। कथा शुभारंभ पर मुख्य यजमान पुष्कर नगर परिषद के पूर्व सभापति कमल पाठक रहे। तथा याज्ञिक सम्राट पं. कमलनयन दाधीच, यज्ञ ब्रह्मा वेदाचार्य पं. सांवरिया यज्ञ, पं. गौतम, दिगंबर निरंजन गिरी महाराज, महंत जवान गिरी महाराज, कोठारी मुचुकन्द गिरी महाराज आदि उपस्थित थे।
गुरूद्वारे के सामने स्थित अष्ट-भू वैकुंठ आश्रम में पुष्कर मेले के दौरान भगवान श्री रणछोडऱाय द्वारकाधीश का वार्षिक उत्सव मनाया जाएगा।
गुरूद्वारे के सामने स्थित अष्ट-भू वैकुंठ आश्रम में पुष्कर मेले के दौरान भगवान श्री रणछोडऱाय द्वारकाधीश का वार्षिक उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पुजारी विशाल महाराज ने बताया कि भागवत कथा 29 अक्टूबर को शुरू होगी तथा 4 नवंबर तक चलेगी। इस दौरान जगदगुरू रामचंद्राचार्य स्वामी वैकंटेश प्रपन्नाचार्य महाराज अपनी मधुर वाणी से भक्तों को भागवत कथा का अमृतपान कराएंगे। कथा प्रतिदिन शाम 4 से 7 बजे तक होगी। आश्रम के आचार्य दीपक दाधीच ने बताया कि कथा के समापन की पूर्व संध्या 3 नवंबर को अन्नकूट महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान 56 भोग की झांकी सजा कर महाआरती की जाएगी तथा प्रसाद वितरण किया जाएगा। बताया गया कि कथा के मुख्य यजमान बिहार के वीरेंद्र कुमार दुबें होंगे। महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई है।








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