क्या जिताया जाएगा नरेश मीणा को,,,,, ताकि राजस्थान में तीसरा मोर्चा आकर ले सके,,,,??
राजस्थान में हुए अंता विधानसभा सीट के उपचुनाव में नरेश मीणा को जिताया जा सकता है शायद इसीलिए भारतीय जनता पार्टी ने एक बेहद कमजोर कैंडिडेट मैदान में उतारा है ,,एक विधानसभा सीट हारने से भारतीय जनता पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा परंतु यह बहुत दूर की रणनीतिक चल हो सकती है, क्योंकि जिस हिसाब से नरेश मीणा ने अपना राजनीतिक कद और मीणा समाज में अपना वर्चस्व कायम किया है वह कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी के लिए रोशनी की किरण साबित हो रहा है।
ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं कि यदि नरेश मीणा अंता विधानसभा सीट का उपचुनाव जीत जाते हैं तो यह तय है कि उनका साथ निभाने वाले राजस्थान के दो काद्दावर जातीय समुदायों के नेता जाट समाज से हनुमान बेनीवाल और राजपूत समाज से राजेंद्र सिंह गुड़ा के साथ नरेश मीणा का नाम भी जुड़ जाएगा ऐसे में राजस्थान में एक तीसरा मोर्चा आकार लेने में कामयाब होगा। और क्योंकि यदि राजस्थान में तीसरा मोर्चा आकार लेने में कामयाब होता है तो कहीं ना कहीं यह कांग्रेस पार्टी की जबरदस्त शिकस्त होगी तीसरा मोर्चा जितना कामयाब होता जाएगा, सफल होता जाएगा, सशक्त होता जाएगा उतना ही कांग्रेस पार्टी कमजोर होती चली जाएगी क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का एक निश्चित वोट बैंक पूरी तरह से स्थापित है और वह कहीं इधर-उधर हिलने डुलने वाला नहीं है ऐसे में तीसरे मोर्चे को सशक्त और ताकतवर बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी नरेश मीणा को अंता का उपचुनाव जितवा सकती है,, नरेश मीणा के अंता का उपचुनाव जीतने से राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी सरकार और उसके मुखिया भजनलाल शर्मा की सेहत पर कोई भी विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा जिसका आकलन भारतीय जनता पार्टी बहुत पहले से ही कर चुकी है ऐसे में एक छोटी सी हार स्वीकार कर भविष्य की बहुत बड़ी जीत का मार्ग प्रशस्त करने के लिए यह रणनीति भारतीय जनता पार्टी की कामयाब हो सकती है। क्योंकि जिस तरह से नरेश मीणा के चुनाव में प्रचार प्रसार में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल और शेखावाटी के कद्दावर राजपूत नेता राजेंद्र सिंह गुड़ा ने अपना अहम रोल निभाया है उसे हिसाब से भारतीय जनता पार्टी ने यह आकलन कर लिया है कि यदि यह तिगड़ी राजस्थान में और ज्यादा सशक्त होती है तो यह कहीं ना कहीं कांग्रेस पार्टी के लिए जबरदस्त नुकसानदायक साबित होगी और भारतीय जनता पार्टी भी यही चाहती है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय जनता पार्टी में मीणा समाज के कद्दावर नेता किरोड़ी लाल मीणा ने इस उप चुनाव से किनारा कर लिया यह बहुत सोची समझी रणनीति का हिस्सा था।
भारतीय जनता पार्टी यह अच्छी तरह जानती है कि यदि नरेश मीणा चुनाव जीत जाते हैं तो वह अपनी आक्रामक शैली के कारण जितने लोकप्रिय हो चुके हैं उसे हिसाब से कांग्रेस पार्टी के निर्धारित वोट बैंक में जबरदस्त सेंध लगा सकते हैं और हनुमान बेनीवाल, राजेंद्र सिंह गुड़ा, और नरेश मीणा की तिगड़ी मिल जाती है तो राजस्थान में कांग्रेस के वोट बैंक को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया जा सकता है जिस कारण भारतीय जनता पार्टी की जीत आसानी से सुनिश्चित हो सकेगी क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का एक निश्चित वोट बैंक है जो कि निश्चित रहता है वह कभी धोखा नहीं करता।








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