गणतंत्र दिवस के अवसर पर अजमेर के डॉ.सुशील चौधरी “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार-2026” से हुए सम्मानित
जयपुर- राजस्थान सरकार के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर,जयपुर में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर का भव्य राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026 समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें कला ,शिक्षा ,सामाजिक, खेल, विज्ञान, संस्कृति ,फिल्म, तकनीकी ,पर्यावरण, समाजसेवा, चिकित्सा व अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट व असाधारण कार्य करने वाले व सहयोग करने वाले नागरिकों को “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार-2026” से सम्मानीय किया गया।
राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार आयोजन समिति ने हाल अजमेर निवासी व मूलतः कुचामन-डिडवाना जिले की परबतसर तहसील के नेतियास गांव निवासी प्रमुख समाजसेवी व शिक्षाविद् डॉ.सुशील चौधरी को “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार-2026” से सम्मानित किया गया। डॉ.चौधरी अपनी पुत्री मानव्या चौधरी ,भान्जी तोषिका चौधरी व अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ जयपुर पुरस्कार प्राप्त करने पहुंचे। डॉ.सुशील लम्बे समय से मानव सहायता, चिकित्सा सहायता ,समाज सेवा व शिक्षासेवा से जुड़कर इस क्षेत्र मे लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहै है व इस कार्य से साइलेंट हिरो के नाम से प्रसिद्ध है। इस समारोह में डॉ.सुशील चौधरी को गोल्ड मेडल,ट्रॉफी व प्रमाणपत्र देकर “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार-2026” से नवाजा गया । इस समारोह के मुख्य अतिथि चीफ जस्टिस माननीय श्री नरेंद्र कुमार जैन फॉर्मर मुख्य न्यायाधीश (एक्टिंग) हाईकोर्ट ऑफ़ सिक्किम, फॉर्मर न्यायाधीश राजस्थान हाईकोर्ट ,आईपीएस अनिल कुमार डीआईजी, व ग्रुप कैप्टन श्री रमेश चंद्र त्रिपाठी VM(G) भारतीय वायुसेना थे।
राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार -शिक्षा और सामाजिक सक्रियता के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के सम्मान में प्रदान किया जाता है। शिक्षार्थियों को सशक्त बनाने, समग्र विकास को बढ़ावा देने, समुदायों के उत्थान में उत्कृष्ट योगदान, नवोन्मेषी शिक्षण, मार्गदर्शन कार्यक्रमों व सामाजिक पहलों के माध्यम से छात्रों को प्रेरित करने,शिक्षा के अवसरों को मजबूत करने, कौशल निर्माण एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाले,अपने प्रयासों से बौद्धिक विकास को पोषित करने वाले,जिम्मेदार नागरिकता को प्रोत्साहित करने वाले, समानता एवं सामाजिक कल्याण के उद्देश्य को आगे बढ़ाने, समुदायों और समग्र रूप से समाज के लिए सार्थक शिक्षा, सशक्तिकरण और सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले नागरिकों को यह सम्मान प्रदान किया जाता है।
यह अपने क्षेत्र के लिए गौरव की बात है की डॉ.सुशील चौधरी को उनके उत्कृष्ट कार्यो के लिए इस पुरस्कार हेतु नामांकित किया गया था । हाल ही मे डॉ.सुशील को दिल्ली में मानद डॉक्टरेट पीएचडी की उपाधि से नवाजा गया था।

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