[aioseo_breadcrumbs]

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाना लोकतंत्र का अपमान

निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज

निर्वाचन आयोग ने तथ्यपरक जवाब में कहा- पारदर्शिता और निष्पक्षता से हुई पूरी प्रक्रिया नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बारे में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) द्वारा लगाए गए आरोपों पर स्पष्ट और तथ्यों पर आधारित जानकारी साझा की है। आयोग ने चुनाव में गड़बड़ी के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप न केवल भ्रामक और निराधार हैं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के प्रति अपमानजनक हैं। आयोग ने बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान कुल 6.40 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान किया। औसतन प्रति घंटे लगभग 58 लाख मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अंतिम दो घंटों में लगभग 65 लाख मतदाताओं द्वारा मतदान किया गया, जो सामान्य औसत से भी कम है। ऎसे में, श्अचानक मतदान वृद्धिश् का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। मतदान प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के अधिकृत एजेंट उपस्थित थे, जिनके समक्ष ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। किसी भी पार्टी, यहां तक कि कांग्रेस द्वारा भी रिटर्निंग अधिकारियों अथवा निर्वाचन पर्यवेक्षकों को मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी की कोई ठोस शिकायत नहीं दी गई। मतदाता सूचियां जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचकों के पंजीकरण नियम, 1960 के अनुसार विधिसम्मत ढंग से तैयार की गईं। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के उपरांत इन सूचियों की अंतिम प्रति सभी राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों, जिनमें कांग्रेस भी शामिल है, को समय पर प्रदान की गई थी। चुनाव से पूर्व अथवा बाद में मतदाता सूचियों को लेकर आपत्तियों की संख्या अत्यंत सीमित रही। 9.77 करोड़ मतदाताओं के बीच केवल 89 अपीलें जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर और एक अपील राज्य स्तर पर प्रस्तुत की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नामावली को लेकर किसी दल को चुनाव पूर्व कोई आपत्ति नहीं थी। चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने हेतु निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नियुक्त 97,000 से अधिक बूथ स्तर अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा भी 1.03 लाख से अधिक बूथ स्तर एजेंट नियोजित किए गए। इनमें से 27,099 एजेंट स्वयं कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए थे, जो आयोग की पारदर्शिता का प्रमाण हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि 24 दिसम्बर, 2024 को कांग्रेस पार्टी को इस संबंध में विस्तृत उत्तर भेजा गया था, जिसे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक किया गया है। इसके बावजूद बार-बार उन्हीं आरोपों को दोहराना लोकतंत्र और संस्थागत गरिमा के विरुद्ध है। भारत निर्वाचन आयोग ने जोर देकर कहा कि देश में चुनाव प्रक्रिया- मतदाता सूचियां तैयार करने से लेकर मतदान और मतगणना- पूर्ण कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष रूप से संपन्न होती है। इस प्रक्रिया में लाखों सरकारी कर्मचारी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और स्वतंत्र पर्यवेक्षक शामिल होते हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव परिणामों को लेकर यदि किसी पार्टी को जनता की असहमति का सामना करना पड़ता है, तो आयोग को उसके लिए जिम्मेदार ठहराना न केवल अनुचित है, बल्कि लोकतंत्र को कमज़ोर करने का प्रयास है। ऎसे प्रयास उन लाखों कर्मचारियों की निष्ठा और निष्पक्षता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाते हैं, जो पूरे समर्पण के साथ लोकतंत्र को सशक्त बनाने में जुटे हैं।

kalkasamrat
Author: kalkasamrat

Kal Ka Samrat News India हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

अजमेर जिला सहायता केन्द्र का होगा शुभारंभ 12 जुलाई 2026

12जुलाई को प्रदेश कार्यकारिणी बैठक एवं शपथ ग्रहण समारोह अजमेर प्रोफेसर कालोनी,धोलाभाटा रोड पर किया जायेगा। अखिल भारतीय कोली समाज, रजिस्टर्ड,नई दिल्ली के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

कोली कोरी समाज में संस्थानिक महापरिवर्तन की तैयार…एकता के प्रयास लगातार जारी…

दिल्ली 01जून , अखिल भारतीय कोली/कोरी समाज समन्वय महापरिषद्” का दस्तावेज़ है। इसमें परिषद् के उद्देश्य और क्रियान्वयन की योजना दी गई है। मुख्य उद्देश्य

कोलियों की कुलड़ी में गुड फोडा जाएंगा 14 और 21 जून को…..

जी हां जमीनी स्तर पर नाम मात्र की उपस्थिति कोली समाज में रखने वाले संगठनों के तथाकथित कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों के द्वारा आगामी 14 जून को

[the_ad id="2269"]