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पैसा 6 स्टेप तक जाता है ,,,रिश्वत और सत्यापन के ऑडियो में बोला XEN अजय सिंह-

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रिश्वत और सत्यापन के ऑडियो में बोला XEN अजय सिंह- गांधीजी फेंकना सीखो तभी काम होगा…पैसा 6 स्टेप तक जाता है
कोटा. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 28 अप्रैल को सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) बारां के अधिशासी अभियंता अजय सिंह को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. अब इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने सत्यापन और ट्रैप के दौरान रिकॉर्डर के जरिए बनाए ऑडियो में नया खुलासा हुआ. जिसमें आरोपी अजय सिंह परिवादी से कहता नजर आ रहा है कि गांधी जी फेंकना सीखोगे तभी मौज करोगे. पैसा फेंकोगे तभी काम पाओगे. यहां तक कि वह यह भी कर रहा है कि यह पैसा अकेला मेरा नहीं है, 6 स्टेप तक जाता है. तुम मुझे पैसा दे दो, मैं ऊपर तक सब संभाल लूंगा. एसीबी में ऑडियो रिकॉर्डिंग का ट्रांसक्रिप्ट बना रही है, जिन्हें बतौर सबूत के रूप में उपयोग किया जाएगा. इसमें सत्यापन के दौरान का ऑडियो करीब 40 मिनट और रिश्वत राशि लेने के दौरान का ऑडियो 15 मिनट का है. यह ऑडियो अब ACB की जांच का अहम हिस्सा बन गया है.
4 करोड़ के अतिरिक्त कार्य पर मांगी 20 लाख की रिश्वत : इस मामले में परिवादी ने सड़क निर्माण का टेंडर 28 करोड़ रुपए में लिया था, इसमें 3 करोड़ रुपए का भुगतान शेष था. जबकि टेंडर राशि से 4 करोड़ ज्यादा का काम हो गया था. ऐसे में कुल कार्य 32 करोड़ पहुंच गया था. बढ़ी हुई 4 करोड़ की राशि के लिए ही आरोपी एक्सईएन अजय सिंह ने 20 लाख रुपए मांगे थे. जबकि पुराने 28 करोड़ में से 3 करोड़ के भुगतान के लिए कहा था कि इनका हिसाब बाद में करेंगे. आरोपी अजय सिंह ने कहा था कि तुम एक-दो दिन में 20 लाख दे दो, मैं तुम्हारा पूरा काम कर दूंगा. दूसरी तरफ जब पारिवारिक रिश्वत की राशि देने बारां सर्किट हाउस में गया, तब वह करीब 5 लाख देकर गया था. एक्सईएन अजय सिंह ने कहा था कि शेष 5 लाख कहां है. इस पर परिवादी ने जवाब दिया कि वह एक-दो दिन में कोटा दे देगा. तब अजय सिंह ने कहा कि वह दो-तीन दिन में जयपुर जाएगा. ऐसे में यह 5 लाख तुम कल परसों में दो और उसके दो-तीन दिन में बचे 10 लाख भी दे देना.

आरोपी के रिश्वत मांगने का सत्यापन और घूस देते समय का ऑडियो सबूत तैयार करवाते हैं। इन दोनों समय की ट्रांसक्रिप्ट को बतौर जांच के बाद सबूत में भी उपयोग किया जाता है। इस मामले में भी दो ऑडियो रिकॉर्डिंग है. – विजय स्वर्णकार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसीबी

बैंक लॉकर से भी नकदी बरामद, पर चेहरे पर शिकन नहीं : आरोपी अजय सिंह को न्यायालय के आदेश के बाद एसीबी टीम लॉकर की जांच करवाने के लिए कोटा लेकर आई थी. उनके आठ लॉकर से 1.09 लाख रुपए की राशि निकाली है. उसके लॉकर से नकदी निकलने के बावजूद भी उसके चेहरे पर किसी तरह की कोई शिकन नहीं थी. वह बिल्कुल सामान्य व्यवहार इस दौरान कर रहा था. दूसरी तरफ बैंक लॉकर में नगदी रखने पर भी पाबंदी है, इसके बावजूद भी आरोपी ने अपने को परिवार के सदस्यों के लॉकर में नगदी को रखा हुआ था. ऐसे में बैंक प्रबंधन भी इस मामले में उन पर कार्रवाई कर सकता है.

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